हमारी कहानी
वाइल्ड न्यूट्रिशस की शुरुआत बालाघाट में छोटी मिट्टी की कोठरियों में उगाए गए ऑयस्टर मशरूम से हुई — बाँस के रैक, हाथ से मिलाया गया सब्सट्रेट, और उसी सुबह स्थानीय बाज़ार तक पहुँचाई गई फ़सल। इन कोठरियों ने अनुशासन सिखाया: मशरूम उसी उत्पादक को प्रतिफल देते हैं जो नमी, स्वच्छता और समय पर नियंत्रण रखता है।
हमने खेत का विस्तार नहीं किया। हमने अनुशासन का विस्तार किया।
वही अनुशासन आज ग्राम मंगेझरी में एक व्यवस्थित उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाई चलाता है: जलवायु-नियंत्रित ग्रोइंग रूम, अपनी स्पॉन प्रयोगशाला, कैनिंग और ड्राइंग लाइनें, तथा चार आईएसओ मानकों के अनुरूप प्रमाणित प्रलेखित गुणवत्ता प्रणालियाँ। ताज़े, डिब्बाबंद और सूखे मशरूम उसी परिसर से निकलते हैं जहाँ वे उगाए जाते हैं।
खेती जैविक-केंद्रित सिद्धांतों और गुणवत्ता-नियंत्रित सामग्री के साथ की जाती है, और हर बैच एक कक्ष, एक सब्सट्रेट लॉट और एक कटाई तिथि तक ट्रेस किया जा सकता है।
मिट्टी की कोठरियाँ
छोटी मिट्टी की कोठरियों में ऑयस्टर मशरूम; पहले स्थानीय ग्राहक।
आज
ताज़े, डिब्बाबंद, सूखे और फ़ंक्शनल रेंज; पूरे भारत से पूछताछ।


हम कहाँ जा रहे हैं
हमारा लक्ष्य एशिया की सबसे बड़ी और सर्वाधिक भरोसेमंद मशरूम खेती एवं प्रसंस्करण इकाई बनना है। यह एक आकांक्षा है जिस पर हम काम कर रहे हैं — अधिक ग्रोइंग रूम, अधिक प्रारूप, और स्पॉन आपूर्ति व बाय-बैक कार्यक्रम में अधिक उत्पादक — न कि आज की स्थिति का विवरण।
बताइए आपको क्या चाहिए
अपनी आवश्यकता भेजिए, हमारी टीम कोटेशन के साथ उत्तर देगी।
